आ आ आ
हूँ... हूँ... हूँ...
हमें हालेदिल तुमसे कहना है
कहिये
अगर हो सके मेरी आँखों में रहिये
हमें हालेदिल तुमसे कहना है
कहिये
अगर हो सके मेरी आँखों में रहिये
ये कैसी मुझे तूने दी बेकरारी
कसक मीठी-मीठी लगन प्यारी-प्यारी
ओ ओ ओ
ये कैसी मुझे
मोहब्बत में ये दर्द सहना है
सहिये
अगर हो सके
जमाने का हर जाल हँस-हँस के तोड़ें
कभी हम वफाओं का दामन ना छोड़ें
आ आ आ
जमाने का हर
मोहब्बत की मौजों में बहना है
बहिये
अगर हो सके
हमें हालेदिल
(ना मैं होश में हूँ ना दिल होश में है
कि तू ही निगाहों के आगोश में है) - 2
मोहब्बत में मदहोश रहना है
रहिये
अगर हो सके
हमें हालेदिल |