ना जाओ सैंया मैं रो पड़ूंगी
रुक जाओ ना तुम एक रात के लिये
आ जा फिर से मुझे छोड़ जाने को आ
एक बार मुझसे तू रूठ जाने को आ
आ भी जा ऐसे ना तरसा
आ भी जा आ आ आ आ आ भी जा
चश्मोतार हो गयी अश्कों से तू नहीं आया
जान रखी है अब लबों पे तू नहीं आया
तुझसे अच्छी तो मेरी मौत है मेरे कातिल
वक्त पर आ गयी पर तू अभी नहीं आया
आ भी जा ऐसे ना तरसा
आ भी जा आ आ आ आ आ भी जा
तेरे बिना लगे नाही मोरा जिया
मैं क्या करू कैसे जियूँ तू ही बता
मेरे सनम मेरे खुदा तू है कहा
तनहा लगे तेरे बिना सारा जहाँ
आ भी जा ऐसे ना तरसा
आ भी जा आ आ आ आ आ भी जा
तू मेरी जिन्दगी तू मेरी तिश्नगी
तू मेरी आरजू तू मेरी बानगी
तू मेरी बज्म है तू ही तन्हाई है
तू ही मेरी गज़ल तू ही रुबाई है
तू मेरा हमकदम तू मेरा हमनवाँ
तू ही मेरा सनम तू ही मेरा खुदा
ना जा सैंया मैं रो पड़ूंगी
रुक जाओ ना तुम एक रात के लिये
राधा पुकारे कहा खोये हो कन्हैया - 2
आ भी जा ऐसे ना तरसा
आ भी जा आ आ आ आ आ भी जा
हमममम ये नजर का धोका है
ये दिल की दिल्लगी
दूर मिलते दिख रहे है आसमान जमीन
फासलों की रहगुजर है दरमियाँ
पास रहके भी ये कैसी दूरियाँ
तेरे बिना लगे नाही मोरा जिया
मैं क्या करूँ कैसे जियूँ तू ही बता
मेरे सनम मेरे खुदा तू है कहाँ
तन्हा लगे तेरे बिना सारा जहाँ
है खोज रही है पिया परदेसी अंखियाँ - 2
आ भी जा ऐसे ना तरसा
आ भी जा आ आ आ आ आ भी जा
--In Background--
आ भी जा ऐसे ना तरसा
आ भी जा आ आ आ आ आ भी जा
--In Background--
ना जा सैंया मैं रो पड़ूंगी
मेरी जिन्दगी
तेरे बिना लागे नाही मोरा जिया
मेरे सैंया जी |