(आ दिल से दिल मिला ले ) - 2 इस दिल में घर बसा ले
ओ रसिया मन-बसिया आजा गले लगा ले
आ दिल से दिल ...
दिल के चमन में कब से बुलबुल चहक रही है - 2
फूलों के इस बदन में खुश्बू महक रही है - 2
कंगना में मेरे लाखों अरमाँ चमक रहे हैं - 2
(अंगना में तेरे साजन) - 2 घुंघरू झनक रहे हैं
आ दिल से दिल ...
चमकेंगे लाख चंदा ये रात फिर ना आये - 2
होंगी हजार बातें ये बात फिर ना आये - 2
साजन यूँ संग तन के मन साथ फिर ना आये - 2
(नवरंग सा रंगीला) - 2 प्रभात फिर ना आये
आ दिल से दिल ... |