आ गयी अरे छप्पन छुरी छम छम छम करई आ गयी
हाँ तो क्या करेगी
अरे गायेगी नाचेगी झुमेगी और सबका दिल बहलायेगी
हाँ तो भाई जान मेहरबान कदरदान कुछ कदर कीजिये
याने सिर्फ एक रुपया दीजिये मेरे भैया एक रुपया
एक रुपया एक रुपया दोगे दो दो काम करूंगी
ओ पहले गाना गाऊंगी फिर सलाम करूंगी
एक रुपया दोगे
जरा चढ़ती जवानी के नजारे देखना
अरे जलवे ये जलवे कँवारे देखना
मैं तो अंखियों में भर दूंगी मीठे सपने
जो कुछ हैं तुमहारे कुछ मेरे अपने
अरे जो भी करुंगी हाँ हाँ जो भी करुंगी खुले आम करुंगी
एक रुपया दोगे
मेरे गालों पे जुल्फ जो मचल जायेगी
अरे कइयों की नीयत बदल जायेगी
मेरी पतली कमर में तो लोच आयेगी
दिवाने दिलों को ये तड़पायेगी
हो मैं तो रातों की निंदिया हराम करुँगी
एक रुपया दोगे |