हुन्नननन
(आ जा री निंदिया तू आ के ना जा
नन्ही सी आँखों में घुल-मिल जा) - 2
आ जा री निंदिया
आ
बाग में कोई कली जो छिटके आँख इसकी खुल जाती है
हवा से कह दो धीरे आये - 2
नींद किसी को आती है - 3
आ जा री निंदिया तू आ के ना जा
नन्ही सी आँखों में घुल-मिल जा
आ जा री निंदिया
सूरज की तेज धूप है दुनिया
सुबह सहे और शाम नहीं
दिल की कहानी क्या कहिये
आगाज़ तो है अंजाम नहीं
हूक इस दिल में उठती है - 2
जब याद किसी की आती है
याद किसी की आती है - 2
आ जा री निंदिया तू आ के ना जा
नन्ही सी आँखों में घुल-मिल जा
आ जा री निंदिया
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