छोड़ो ये तन्हाइयाँ, कैसी ये परछाइयाँ
जो भी है रुत छाई, जाने भी दो
आँखें ये नम हुई, यादें ना कम हुई
दिल में कोई गम ना तुम रहने दो
दिल में जुनूँ लेके और कुछ सुकूँ लेके
आ जरा चल निकले सपने लिये
जो ना भुला पाये, दिल को जो छू जाये
ऐसी कोई धुन छेड़ अपने लिये
आ जी ले जरा, जी ले जरा..... - 4
प्यार की इस डगर पे, जोश ये कम ना हो
पल दो पल का ये जीवन, हर लम्हा तुम जियो
आ जी ले जरा, जी ले जरा..... - 4
छोड़ो ये तनहाई, कैसी ये परछाई
जो भी है रुत छाई, जाने भी दो
आँखें ये नम हुई, यादें ना कम हुई
दिल में कोई गम ना तुम रहने दो
दिल में जुनूँ लेके और कुछ सुकूँ लेके
आ जरा चल निकले सपने लिये
जो ना भुला पाये, दिल को जो छू जाये
ऐसी कोई धुन छेड़ अपने लिये
आ जी ले जरा, जी ले जरा..... - 4 |