मैं भी यहाँ, तू भी यहाँ, बेताबियाँ भी है जवाँ
मेरे जानियाँ, मेरे इश्क का दिल में जहर भर ले
आ खुशी से खुदकुशी कर ले - 4
इश्क से ही ?? है इंतहाँ है
इश्क से ही दिल जला है ये धुँआ है
इश्क से है खुश्की औ खुशगुमा है
फिर ना कहना इश्क क्या है और कहाँ है
तू नजर से दूर ना जा, आ मेरी आगोश में आ
कह रही है आरजू ये बाहें मेरी धर ले
आ खुशी से खुदकुशी कर ले - 4
प्यार ऐसा दर्द है जिसमें सुकुन है
जो सदा बढ़ता आ रहें ये वो जुनून है
ना गुजर जाये कहीं पल बेखुदी का
जिन्दगी का ?? ले ले जिन्दगी का
तू बड़ा ही बेखबर है, ये नहीं तुझको खबर है
चैन से जीना अगर है मुझपे जरा मर ले
आ खुशी से खुदकुशी कर ले - 4
मैं भी यहाँ, तू भी यहाँ, बेताबियाँ भी है जवाँ
मेरे जानियाँ, मेरे इश्क का दिल में जहर भर ले
आ आ आ खुशी से खुदकुशी कर ले - 4 |