(कोई काम नहीं है मुश्किल
जब किया इरादा पक्का
के मैं हूँ आदमी सड़क का - 2) - 2
मोहब्बत मेरा धर्म इमान है - 2
मेरी जात तो सिर्फ इंसान है
वही जिसने बनाये हैं दोनों जहाँ - 2
वो मेरा राम है मेरा रहमान है
सिर झुकाया तो देखी काशी और सजदा किया तो मक्का
के मैं हूँ मैं हूँ मैं हूँ आदमी सड़क का
कोई काम नहीं हैं मुश्किल
जब किया इरादा पक्का
के मैं हूँ आदमी सड़क का - 2
पीछे हत जाऊ ये मैने सीखा नहीं - 2
होगी मंजिल कहा ये भी सोचा नहीं
जब बड़ा हौसला फट गया फसला - 2
रोकने से किसी के मैं रुकता नहीं
हिम्मत ही मेरा तांगा हिम्मत ही मेरा इक्का
के मैं हूँ मैं हूँ मैं हूँ आदमी सड़क का
कोई काम नहीं हैं मुश्किल
जब किया इरादा पक्का
के मैं हूँ आदमी सड़क का - 2
एक सड़क है ये इंसान की जिन्दगी - 2
इसके हर मोड़ पर मिलते गम और खुशी
जो भी घबराया वो रह गया राह मैं - 2
और गया जो उसी को हैं मंजिल मिली
ठोकर को मारी ठोकर और धक्के को मरा धक्का
के मैं हूँ मैं हूँ मैं हूँ आदमी सड़क का
कोई काम नहीं हैं मुश्किल
जब किया इरादा पक्का
के मैं हूँ आदमी सड़क का - 2 |