(आदमी जिन्दगी और ये आत्मा - 2
ढूंढते है सभी तुझको परमात्मा
ये मिलन जो कराये वो विश्वात्मा विश्वात्मा - 2) - 2
(आज के दिन मैं आकाश से गिर पड़ा
पहले छोटा सा था हो गया अब बड़ा) - 2
वक्त रहता नहीं एक जगह पे खड़ा
चलता रहता है ये उमरा का काफिला
आदमी जिन्दगी और ये आत्मा - 2
ढूंढते है सभी तुझको परमात्मा
ये मिलन जो कराये वो विश्वात्मा विश्वात्मा - 2)
(एक घर में भी हर एक से है अलग
देखते है अलग सोचते है अलग) - 2
हम अलग क्यों ना हो हम बने हैं अलग
प्यार ने कर दिया पर हमे एक साथ
आदमी जिन्दगी और ये आत्मा - 2
ढूंढते है सभी तुझको परमात्मा
ये मिलन जो कराये वो विश्वात्मा विश्वात्मा |