आगे आगे चाहत चली
पीछे पीछे दिल चल पड़ा
कैसे भला रोकू इसे
ये तो है दीवाना बड़ा
बेखुदी जाने ना
कुछ कहा माने ना
हर धड़कन पे है ये जादू प्यार का
दीवानगी का आलम ना पूछो
कोई नशा छाया है
हो ओ ओ ओ
आवारगी का मौसम तो देखो
खुशबू ये जान लाया है
बेखबर मस्ताना दर्द से अंजाना
ना कोई भी हल है इस बेकरार का
आगे आगे चाहत चली
पीछे पीछे दिल चल पड़ा
कैसे भला रोकू इसे
ये तो है दीवाना बड़ा
जाने ये कैसा नाता है मन का
बिन डोर के बंधे है
रब से दुआ में शाम सवेरे
महबूब को माँगे है
कह रहा है सफर आयेगी वो नजर
गुजर जायेगा लम्हा इंतजार का
आगे आगे चाहत चली
पीछे पीछे दिल चल पड़ा
कैसे भला रोकू इसे
ये तो है दीवाना बड़ा
बेखुदी जाने ना
कुछ कहा माने ना
हर धड़कन पे है ये जादू प्यार का
आगे आगे चाहत चली
पीछे पीछे दिल चल पड़ा
कैसे भला रोकू इसे
ये तो है दीवाना बड़ा |