जाल्यात मासोली गाव्याची नाय - 2
दरिया किनारे मिली मुम्बईची पोरी
अरे रे रे रे... (दरिया किनारे मिली मुम्बईची पोरी) - 2
पिच्छू पड़ा इक लुक्खा टपोरी - 2
पल्लू पकड़ लिया बाई गा
आई गा, आई गा, आई गा...
ये हाथों में था उसके मोगरे का फूल
कहने लगा इसको कर ले कबूल
हे हाथों में था उसके मोगरे का फूल
कहने लगा इसको कर ले कबूल
मैं बोली - 4 बाई गा
आई गा...
आई गा, आई गा, आई गा...
जाल्यात मासोली गाव्याची नाय - 2
ये सांगा कधी मुझसे शादी बनायेगा
नवरी बनाके तुझे ले जायेगा
हे सांगा कधी मुझसे शादी बनायेगा
नवरी बनाके मुझे वो ले जायेगा
खुल्ले में - 3 जश्न मनायेगा
आई गा...
आई गा, आई गा, आई गा...
दरिया किनारे मिली मुम्बईची पोरी
पिच्छू पड़ा इक लुक्खा टपोरी - 2
पल्लू पकड़ लिया बाई गा
आई गा, आई गा, आई गा...
अरे रे रे रे... आई गा, आई गा, आई गा...
गा गा गा गा.... आई गा, आई गा, आई गा...
हे आला आला आला...
आई गा, आई गा, आई गा... |