आईना वो ही रहता है, चेहरे बदल जाते हैं
आँखों में रुकते नहीं जो, आँसू निकल जाते हैं
पहली मुलाकात की, तौबा वो पहली नजर
क्या हो गया, कब हुआ, होती नहीं कुछ खबर
कितना भी दिल को संभालो, अरमाँ मचल जाते हैं
गुलशन में फूलों के साथ खिलते हैं दिल मे गुलाब
होता है जब प्यार तो, लगता है पानी शराब
दो घूंट पीते ही लेकिन ये होंठ जल जाते हैं
बेखबर, बेकदर, प्यार सच है अगर
देखना ये दिन रोयेगा मेरे बिन
राह में छोड़कर, मेरा दिल तोड़कर
मुझ को तड़पाया क्यों, तू भी तड़पेगा यूँ
याद रख बेवफा, ये मेरी बद्दुआ
तूने जिसके लिये, मुझ को धोखे दिये
वो तेरी दिलरुबा, लेगी बदला मेरा
में ये गम हमनशी, भूल सकती नहीं
वो इरादे तेरे, झूठे वादे तेरे
जब याद आते हैं, दिल पर बस ती चल जाते हैं |