ऐसे ना ठुकराओ
ऐसे ना ओ ठुकराओ ऐ सनम
अब के गये तो फिर ना आयेंगे हम
ओ ऐसे ना ठुकराओ ऐ सनम
अब के गये तो फिर ना आयेंगे हम
कैसे हम उससे कहें
अब कोई सपना नहीं
भीगी आँखों में तेरे सिवा
तड़पे दिल जिसके लिये
कोई ऐसा दिलबर नहीं
सूनी रातों में तेरे सिवा
ओ ऐसे ना ...
हम तो टूट दिल लिये
ये जलते आँसू पीये
भटकेंगे जाने कहाँ कहाँ
पर इतना तुम भी सुनो
की चाहनेवाला कोई
मिलता ही मुश्किल से जान-ए-जाँ
ओ ऐसे ना ... |