हर अफ्ज़ हीरा है, लब्ज़ लब्ज़ मोती है; हम हसीनाओ की बातें तो निराली होती है
अगर मगर की डगर डगर पे सबर करोगे कैसे ;
असर असर सनम है ऐसा क सबर करोगे कैसे
बजने दो बजने दो संगीत को; बजने दो बजने दो संगीत को; लेट’स गो …..
आज मूड है इश्कियां, आज मूड है इश्कियां
आज मूड है इश्कियां, आज मूड है इश्कियां
चाँद चारों के चल सय्याँ , बादल बांद तन्हैया
चूम ले कहता है मन का मंज़र ,
आग न होता है अन्दर अन्दर; आना न होता है अन्दर अन्दर
आज मूड है इश्कियां, आज मूड है इश्कियां
चाँद चारों के चल सय्याँ , बादल बांद तन्हैया
गुस्ताक मेरा शबाब उस पे यह खामोशियाँ
जन्नत मे देंगे हिसाब हमने है क्या क्या किया
छलके है नैन कटारी पिलूँ पिलूँ इसे
ढलके यह रे छीन्लूँ छीन्लूँ इसे
ऊई..माँ जुल्फों का ताना बाना; कल बुझा तू मेरा प्रेम दीवाना
ऊई..माँ जुल्फों का ताना बाना
आज मूड है इश्कियां, आज मूड है इश्कियां
मेहनत बजे शहनाइयां, पल पल पिघले परछाईया
आज मूड है इश्कियां, आज मूड है इश्कियां
चाँद चारों के चल सय्याँ , बादल बांद तन्हैया
साँसों की यह कश्तियां अल्हड उछलती है रे; उस पे यह तेरी नज़र हर पल पिसलती है रे
हे सपनो का शीशमहल बाहों के खिलते कँवल
होठों से तेरे होठों पे लिखदूं मैं कोई ग़ज़ल
ओ आ इतना ही बय्या बोले, आ जा तू धीरे हौले हौले; ओ आ ओ..आ इतना ही बय्या बोले
आज मूड है इश्कियां, आज मूड है इश्कियां
धड़कन बोले तताय्या, दिल में होती गुदगुदियां
आज मूड है इश्कियां, आज मूड है इश्कियां
चाँद चारों के चल सय्याँ , बादल बांद तन्हैया
बेकदर से तो बेवफा अच्छी , किसी से तो दिल लगाती है ,
मेरे महबूब से तो मौत अच्छी, एक बार तो चली आती है
आज मूड है इश्कियां, आज मूड है इश्कियां
चाँद चारों के चल सय्याँ , बादल बांद तन्हैया
आज मूड है इश्कियां |