आज सोचा तो आँसू भर आए मुद्दतें हो गईं मुस्कुराए हर कदम पर उधर मुड़ के देखा -२ उनकी महफ़िल से हम उठ तो आए आज सोचा ... दिल की नाज़ुक रगें टूटती हैं -२ याद इतना भी कोई न आए आज सोचा ... रह गई ज़िंदगी दर्द बनके -२ दर्द दिल में छुपाए छुपाए