आँखों से ख्वाब रूठ कर
आँखों से ख्वाब रूठ कर
पलकों से अश्क टूट कर
जाने कहाँ, जाने कहाँ, जाने कहाँ, बिखर गये
साहिल से मौजें फूट कर, अरमान दिल से छूट कर
जाने कहाँ, जाने कहाँ, जाने कहाँ, बिखर गये, बिखर गये
रस्ते वोही गलियाँ वोही (2)
लेकिन वो बात अब भी है कहाँ
जिसमें कभी थी जिन्दगी (2)
सूना पड़ा है अभी वो मकाँ
कुछ लम्हे जाने गूँज कर, खुशियाँ तमाम लूट कर (2)
जाने कहाँ, जाने कहाँ, जाने कहाँ, बिखर गये, बिखर गये
आँखों से ख्वाब रूठ कर, पलकों से अश्क टूट कर [2x2]
जाने कहाँ, जाने कहाँ, बिखर गये
साहिल से मौजें फूट कर, अरमान दिल से छूट कर
जाने कहाँ, बिखर गये [3x3]
जाने कहाँ, जाने कहाँ, जाने कहाँ |