[हम जो चलने लगे
चलने लगे हैं ये रास्ते
हाँ...हाँ...
मंजिल से बेहतर लगने लगे हैं ये रास्ते]2
आओ खो जाये हम
हो जाये हम यूँ लापता
आओ मिलो चलें
जहा कहाँ ना हो पता
हम जो चलने लगे
चलने लगे हैं ये रास्ते
हाँ...हाँ...
मंजिल से बेहतर लगने लगे हैं ये रास्ते
[बैठे बैठे ऐसे कैसे कोई
रास्ता नया सा मिले
तू भी चले मैं भी चलूँ
होंगे कम ये तभी फासले]2
आओ तेरा मेरा ना हो किसी से वास्ता
आओ मिलो चले
जाना कहाँ ना हो पता
हम जो चलने लगे
चलने लगे हैं ये रास्ते
हाँ...हाँ...
मंजिल से बेहतर लगने लगे हैं ये रास्ते
[आँखें खोले नींदें बोले जाने
कैसे जगी बेखुदी
यहाँ वहाँ देखो कहाँ
लेके जाने लगी बेखुदी]2
आओ मिल जाये ना हो जहाँ पे रास्ता
आओ मिलो चलें
जाना कहाँ ना हो पता
हम जो चलने लगे
चलने लगे हैं ये रास्ते
हाँ...हाँ...
मंजिल से बेहतर लगने लगे हैं ये रास्ते |