आशिकी, आशिकी, दिल चाहे आशिकी, ओ....
आशिकी, आशिकी, दिल चाहे आशिकी
जीना नहीं है, बिन दिल कशी के, कितने हसीं है पल बेखुदी के...पल बेखुदी के
आशिकी,आशिकी, दिल चाहे आशिकी
तेरे लबों पे बिखरी पड़ी है, खामोशियों की सदा
पहले कभी भी मैने ना देखी, ऐसी अनोखी अदा
पलके उठा के तूने जो देखा, तुझ पे हुआ हूँ मैं तो फिदा... में तो फिदा
सादगी, सादगी, दिल चाहे सादगी
हे हे हे .. ला ला ला ला ... हे हे हे
घबराया गया हूँ, तनहाईयों से, आ के गले से लगा
डर था है अब दिल, बेताबियों से, आँखों से दूर ना जा
आ छेड़ जाना साजे वफा पे, नगमा कोई, तू प्यार का... तू प्यार का
मौत भी, मौत भी, दिल चाहे मौत भी...
जीना नहीं है, बिन दिलकशी के, कितने हसीं है पल बेखुदी के... पल बेखुदी के
आशिकी, आशिकी, दिल चाहे आशिकी
आशिकी, आशिकी, दिल चाहे आशिकी
ओ....ओ
आशिकी, आशिकी, दिल चाहे आशिकी |