अभी अभी जो तू आई है
अभी अभी खुशी आई है
अभी अभी असर लाइ है दुआ..
कभी रहे नज़र सहमी सी
कभी रहे ग़लत फ़हमी सी
कभी कभी लगे
कुछ भी ना हुआ..
मिलने लगी गले
रिश्तों की यह ज़मी ..न..
आंखों में आगई
खुशियों की यह नमी..
दिल में हिलने लगी है
पत्थर की जुबां..
यह भी करने लगी है
हाल-ऐ-दिल बयां
हैं आज कोई
यादों की झील में
पर वो नही है
तेरी जागीर में ..
हो..ओ..
कभी कभी वफ़ा मोती है
कभी दीया कभी ज्योति है
कभी कभी डुबो देती है
जान.....
कभी कभी रुलाती भी है
कभी कभी हँसाती भी है
कभी कभी जगा देती अरमान ..
छुप के से कौन तेरे
दिल में आगया..
है पहली बार तुझको
कोई भा गया..
उसकी ही याद में
अब तू खोने लगी..
खुली खुली आँख में
सपने बोने लगी ..
दिल चाहे तेरा
उड़ जाय ..तू कहीं ..
फिर सोचती हैं
कहीं छूटे ना ज़मीन...
अभी अभी जो तू आई है
अभी अभी खुशी आई है
अभी अभी असर लाइ है दुआ..
कभी रहे नज़र सहमी सी
कभी रहे ग़लत फ़हमी सी
कभी कभी लगे
कुछ भी ना हुआ..
हो..अभी अभी जो तू आई है
अभी अभी खुशी आई है
अभी अभी असर लाइ है दुआ ..
कभी रहे नज़र सहमी सी
कभी रहे ग़लत फ़हमी सी
कभी कभी लगे
कुछ भी ना हुआ.. |