[आँखों में तेरी
अजब सी अजब सी अदाएं है
हो आँखों में तेरी
अजब सी अजब सी अदाएं है
दिल को बनादे जो पतंग सा से
ये तेरी वो हवाएं है]2
आई ऐसे रात है जो
बहुत खुशनसीब है
चाहे जिसे दूर से दुनिया
वो मेरे करीब है
कितना कुछ कहना है
फिर भी है दिल में
सवाल है कहीं
सपनो में जो रोज कहा है
वो फिर से कहूँ या नहीं
आँखों में तेरी
अजब सी अजब सि अदाएं है
हो आँखों में तेरी
अजब सी अजब सी अदाएं है
दिल को बनादे जो पतंग सा से
ये तेरी वो हवाएं है
तेरे साथ साथ ऐसा
कोई नूर आया है
चाँद तेरी रोशनी का
हल्का सा एक साया है
तेरी नज़रों ने दिल का किया जो हश्र
असर ये हुआ
अब इनमे ही डूब के हो जाउ पार
ये है दुआ
[आँखों में तेरी
अजब सी अजब सी अदाएं है
हो आँखों में तेरी
अजब सी अजब सी अदाएं है
दिल को बनादे जो पतंग सा से
ये तेरी वो हवाएं है]2 |