कि: अरे सुनो सुनो, ओ भाइयों, बहनों
अरे मगन भाई, ओ छगन भाई, ओ सामालो रे दामालो
ओ सुनो सुनो
ओ राघोबा, ओ धोंडीबा
ओ कर्नल सिंह
ओ जर्नैल सिंह
ओ तुस्सी भी सुनो पाप्पे
कि: अरे रफ़्ता रफ़्ता देखो आँख मेरी लड़ी है (२)
आँख जिससे लड़ी है वो पास मेरे खड़ी है
मुझे जानती है जबसे ये मरती है तबसे
मैं भी इससे चोरी छुपे चाहता हूँ तबसे
दिल में ये मेरे बस गई !
ऐ कुड़ी फ़ँस गई !!
रे: ये तुम क्या कह रहे हो ? मैने ऐसा तो नहीं कहा था
कि: हे हे !! अरे रफ़्ता रफ़्ता देखो आँख मेरी लड़ी है
आँख जिससे लड़ी है वो पास मेरे खड़ी है
कि: मुझे प्यार सिखाया किसने? इसने! (२)
मुझे प्यार सिखाके दीवाना बनाया किसने? इसने!
ये प्यार का कमाल है शराब का सुरूर नहीं
होना था सो हो गया किसीका भी क़ुसूर नहीं
हाथों में मेरे रस गई !!
ए कुड़ी फ़ँस गई !!
रे: ओह्फ़ो! ये तुम क्या कह रहे हो?
मैने ऐसा तो नहीं कहा था!!
कि: hmm hmmmm!! अरे रफ़्ता ...
कि: अरे पहली शरारत किसने की? इसने की! (२)
अरे पहली शरारत करके मोहब्बत किसने की?
इसने की!!
इसको पसंद मैं, मुझे ये पसंद है
दिल मिल जाते ???? बातें यहाँ बंद हैं
बात है ये असली!!
ओ पांडोबा, पोरगी फ़सली रे फ़सली!
रे: पागल हो गए हो क्या? मैने ऐसा तो नहीं कहा था!
कि: आगये! ज़वाल ये लाजो नको (४)
राघोबा, धोंडीबा, पांडोबा
आगये! ज़वाल ये लाजो नको
पोर्गी फ़सली रे फ़सली |