लता:
बचपन के दिन भुला न देना
बचपन के दिन भुला न देना
शम्शाद:
आज हँसे कल रुला न देना - २
दोनों:
बचपन के दिन भुला न देना
शम्शाद:
लम्बे हैं जीवन के रस्ते - २
आओ चले हम गाते हँसते
गाते, हँसते
आअ॥॥ आआअ॥॥
लता:
दूर देस एक महल बनायें
प्यार का जिस में दीप जलायेँ
दीप जलायें
दोनों:
दीप जलाकर बुझा न देना
आज हँसे कल रुला न देना
बचपन के दिन भुला न देना
लता:
रुत बदले या जीवन बीते
दिल के तराने हों न पुराने
शम्शाद:
नैंओन में बन कर सपन सुहाने
आयेंगे एक दिन यही ज़माने
यही ज़माने
दोनों:
याद हमारी मिटा न देना
आज हँसे कल रुला न देना
बचपन के दिन भुला न देना |