ओ हो..
मौको कहाँ ढूंढें रे बन्दे
मैं तो तेरे पास में
ना तीरथ में ना मूरत में
ना एकांत निवास में
ओ..ना मन्दिर में ना मस्जिद में
ना कभी कैलाश में
मैं तो तेरे पास में बन्दे....
मैं तो तेरे पास में
बन्दा रे.....
हो... खोजी होए तुंरत मिल जाऊं
एक पल की तलाश में
कैद कभी उस मोह मई साधो
मैं तो हूँ विश्वास में
ओ बन्दा रे.....
मैं तो तेरे पास में..
ओ बन्दा रे.....
मैं तो तेरे पास में..
ओ..ना मैं जप में
ना मैं तप में
ना बरत उपास में
ना मैं किर्या करम में रहता
ना ही जोग संन्यास में
ना ही जोग संन्यास में
नाही प्राण में नाही पिंड में
ना ब्रह्माण्ड आकाश में
ना मैं प्रकृति प्रवर गुफा में
ना ही स्वास की साँस में
हो... खोजी होए तुंरत मिल जाऊं
एक पल की तलाश में
कैद कभी उस मोह मई साधो
मैं तो हूँ विश्वास में
ओ बन्दा रे.....
मैं तो तेरे पास में..
ओ बन्दा रे.....
मैं तो तेरे पास में..
ओ बन्दा रे.....
मैं तो तेरे पास में..
ओ बन्दा रे.....
मैं तो तेरे पास में..
ओ बन्दा रे.....
मैं तो तेरे पास में..
ओ बन्दा रे.....
मैं तो तेरे पास में..
भवं भवानी युगे युगे
भवं भवानी युगे युगे |