बेचैन नज़र बेताब जिगर
ये दिल है किसीका दीवाना हाय दीवाना
कब शाम हो और वो शम्मा जले
कब उड़ कर पहुंचे परवाना हाय परवाना
है दिल का चमन खिलने के लिये
आएगा कोई मिलने के लिये
फूलों से कहो तारों से कहो - २
चुपके से सजा दें वीराना, हाय वीराना
जब रात ज़रा शबनम में घुले
लहराई हुई वो ज़ुल्फ़ खुले
नज़रों से नज़र एज भेद कहे - २
दिल दिल से कहे एक अफ़साना, हाय अफ़साना
रंगीन फ़िज़ा छाए तो ज़रा
वादे पे कोई आए तो ज़रा
ऐ जोश-ए-वफ़ा दिल चीज़ है क्या - २
हम जान भी दें दें नज़राना, हाय नज़राना
बेचैन नज़र बेताब जिगर ... |