बहका मैं बहका
वो बहकी हवा सी आई
एक ही नज़र में सब
मंजिल वन्जिल पायी
हटके अलग सी थी
बिल्कुल जुदा सी
ना ही अदाएं
ना कोई अंगडाई
बहका बहका
मैं बहका बहका
महका महका
यह मन है महका
बहका मैं बहका
वो बहकी हवा सी आई
एक ही नज़र में सब
मंजिल वन्जिल पायी
धड़कन धक् धक् धक् धक्
धक् हुई
तिर ता ता ता ता
ता थै
चाल दाग मग मग दाग मग
मग हुई
झूमूं जमके झमाझम
रास्ता ताकू ताकू ताकू
ताकू मैं
पल पल जागू जागू जागू
जागू मैं
बार बार बदल करवट
उसको सोचू मैं
बहका बहका
मैं बहका बहका
महका महका
यह मन है महका
गुज़रे जहाँ से वो
रोनक उडाए
झलके नदी सी वो
मुझको भी तो
दे जाए..
वो गुन गुनाए
नदी में लुटाये
खट्टा सा बचपन
मीठी शरारत
थोड़ा रेशम है
थोडी नज़ाकत
कभी शर्माए
कभी लहराए
उसमें सारे हैं
और जाने कितनी गहराई
बहका मैं बहका
वो बहकी हवा सी आई
एक ही नज़र में सब
मंजिल वन्जिल पायी
हटके अलग सी थी
बिल्कुल जुदा सी
ना ही अदाएं
ना कोई अंगडाई
बहका बहका
मैं बहका बहका
महका महका
यह मन है महका
उसकी बोली
जैसे फूलों की टोली
उसका चलना
ऋतुएं बदल ना
झूठ भी उसके
सच लगे अच्छे लगे
सच से भी बढ़के लगे..
राह में उसकी
हाथ बांधे पलके बिछाए हुए
सर को झुकाए हुए
खुशबुओं से छाये हुए
टक टकि लगाए हुए
साथ साथ जाने कितने सारे
मौसम खड़े रहे
बहका मैं बहका
वो बहकी हवा सी आई
एक ही नज़र में सब
मंजिल वन्जिल पायी
बहका मैं बहका
वो बहकी हवा सी आई
एक ही नज़र में सब
मंजिल वन्जिल पायी
हटके अलग सी थी
बिल्कुल जुदा सी
ना ही अदाएं
ना कोई अंगडाई |