ओ हो ओ...
छाई मदहोशियाँ
दिल धड़क ने लगा है
प्यार का सिलसिला
ये कहाँ ले चला है
लगती है प्यारी
क्यूँ बेकरारी
जानू ना...
हो ओ ओ....
अपनी हदों से गुजरने लगा हूँ
साँसों में तेरी उतरने लगा हूँ
भटकता था पहले इधर से उधर मैं
मगर एक जगह अब ठहरने लगा हूँ
लगती है प्यारी
क्यूँ बेकरारी
जानू ना...
छाई मदहोशियाँ
दिल धड़क ने लगा है
प्यार का सिलसिला
ये कहाँ ले चला है
लगती है प्यारी
क्यूँ बेकरारी
जानू ना...
हो ओ ओ....
साँसों में साँसे
उलझ ने लगी है
होंठो की शबनम
बहक ने लगी है
ख्वाहिश का तोहफा
मचल ने लगा है
नाज़ुक सा दिल ये
पिघल ने लगा है
लगती है प्यारी
क्यूँ बेकरारी
जानू ना...
छाई मदहोशियाँ
दिल धड़क ने लगा है
प्यार का सिलसिला
ये कहाँ ले चला है
लगती है प्यारी
क्यूँ बेकरारी
जानू ना...
हो ओ ओ....
कोई रास्ता हो..
कोई रहगुज़र हो
मोहब्बत जो तेरी
मेरी हमसफ़र हो
भंवर में भी हँसके
उतर जाऊंगा मैं
मुझपे हमेशा जो तेरी नज़र हो
लगती है प्यारी
क्यूँ बेकरारी
जानू ना...
छाई मदहोशियाँ
दिल धड़क ने लगा है
प्यार का सिलसिला
ये कहाँ ले चला है
लगती है प्यारी
क्यूँ बेकरारी
जानू ना...
हो ओ ओ....
हो ओ ओ....
हो ओ ओ...
हो ओ ओ.... |