देखा तुझे सौ मरतबा, फिर भी मेरा दिल ना भरा
मैने जो ख़्वाब देखे तेरे ही साथ देखे
हाथों में हाथ दे दे आ
मेरी जो जिन्दगी है अब तेरी हो गयी है
तुझमें ही खो गयी है आ
तेरी जुलफों है कितने बादल छुपे
ये जो लहराये होने लगी बरसातें
सुनता रहता हूँ मैं सुनके कहता हूँ मैं
तेरी खामोशियाँ भी करती हैं कयी बातें
मौसम बदल रहे हैं, तुझसे निकल रहे हैं
तुझमे ही ढल रहे हैं आ
तू ही तो चाँदनी है, तुझमे जो रौशनी है
सुबह उससे बनी है आ
आसमान से कभी देखले चाँद भी, तो वो तारों से तारीफे करता है तेरी
तुझमे खुशबू कोई रहती है हर घड़ी
तुझको छू के ही महकी है साँसें मेरी
चेहरा जो मोड़ती है, पलकें जो ओढ़ती है
दिल कितने तोड़ती है आ आ आ
दिल का जहाँ दे दे, बदले जान ले ले
सारे अरमाँ ले ले आ
देखा तुझे सौ मरतबा, फिर भी मेरा दिल ना भरा
मैने जो ख़्वाब देखे तेरे ही साथ देखे
हाथों में हाथ दे दे आ
मेरी जो जिन्दगी है अब तेरी हो गयी है
तुझमें ही खो गयी है आ |