(दुनिया ने दिल तोड़ा, मुझको तन्हा छोड़ा
जीना नहीं मुझे यारा, तुने जो मुँह मोड़ा) - 2
दुनिया ने दिल तोड़ा....
आइने खाबो के टूटे, मेरी आँखों में चुभने लगे हैं
जलने लगे मेरे नगमे, रंग यादों के बुझने लगे हैं
हमराह मेरे था सारा जमाना, अब सिर्फ तनहाइयाँ
होठों पे सबके था मेरा तराना, अब है रुवायियाँ
दुनिया ने दिल तोड़ा, मुझको तन्हा छोड़ा
जीना नहीं मुझे यारा, तुने जो मुँह मोड़ा
दुनिया ने दिल तोड़ा....
नजदीक आ धड़कने सुन, तेरे लिये है ये आँखें नम, सनम
तू पास हो तो जहाँ के हसके सह लूँगा मैं हर सितम, गम
तेरे बिना मेरी क्या जिन्दगानी, उड़ता हुआ इक धुँआं
तेरे बिना मेरी क्या है कहानी, मिटा हुआ इक निशाँ
दुनिया ने दिल तोड़ा, मुझको तन्हा छोड़ा
जीना नहीं मुझे यारा, तुने जो मुँह मोड़ा
दुनिया ने दिल तोड़ा.... |