हुस्नो में कहीं हया..
नही होती
पारसा..I अदा
नही होती
आ...
हुस्न को इतिहास इलासिम है
हर नज़र पारसा नही.. होती
हुस्न है या कोई जादू
सर पे चढ़ के बोलता है
हर नज़र जालिम है तेरी
कातिलाना हर अदा है
तू क़यामत है सराफ़ा
मैंने कोई ना देखा तेरे जैसा
तेरे देखके जलवे..
सब दीवाने हो बैठे
रहा न दिल पे काबू..
होंश अपने खो बैठे
तेरे देखके जलवे..
सब दीवाने हो बैठे
रहा न दिल पे काबू..
होंश अपने खो बैठे
हुस्न है या कोई जादू
सर पे चढ़ के बोलता है
हर नज़र जालिम है तेरी
कातिलाना हर अदा है
तू क़यामत है सराफ़ा
मैंने कोई ना देखा तेरे जैसा
तेरे देखके जलवे..
सब दीवाने हो बैठे
रहा न दिल पे काबू..
होंश अपने खो बैठे
तेरे देखके जलवे..
सब दीवाने हो बैठे
रहा न दिल पे काबू..
होंश अपने खो बैठे
आर से रंग पे तेरे गुलनिसार
तेरी जुल्फों पे घटा ये खुश्बंवार
हर तरफ़ है तेरी ही रंगीनिया..
छाई मौसम पे सब तेरी शोखिया..
है महक रंगीन फिज़ा में
रंग भी है तेरा..
हर नरव्ज़ ही नुमाया
ढंग भी है तेरा..
जेहन में मेरे तेरा तस्सव्वुर
मेरे ख्यालों में तू ही है
तेरी कसम से जाने तम्मन्ना
साँसों में तेरी खुशबू है
तेरे देखके जलवे..
सब दीवाने हो बैठे
रहा न दिल पे काबू..
होंश अपने खो बैठे
तेरे देखके जलवे..
सब दीवाने हो बैठे
रहा न दिल पे काबू..
होंश अपने खो बैठे
आरज़ू कभी तो रोशन तुझसे है
मुस्कुराता सारा गुलशन तुझसे है
घायल दिल गुनगुनाये तेरे गीत
जिंदगी पर मेरी छाये तेरे गीत
तुझपे मेरा दिल फ़िदा है
जान भी है कुर्बान
गुलबदन हस्ती पे मेरी
तेरा ही यह एहसान
हर बेनज़र तक तेरे जलवे..
कोई नही तेरे जैसा..
तेरी बातें करता हूँ
मैं हूँ तेरा दीवाना
तेरे देखके जलवे..
सब दीवाने हो बैठे
रहा न दिल पे काबू..
होंश अपने खो बैठे
हुस्न है या कोई जादू
सर पे चढ़ के बोलता है
हर नज़र जालिम है तेरी
कातिलाना हर अदा है
तू क़यामत है सराफ़ा
मैंने कोई ना देखा तेरे जैसा
तेरे देखके जलवे..
सब दीवाने हो बैठे
रहा न दिल पे काबू..
होंश अपने खो बैठे
हुस्न है या कोई जादू
सर पे चढ़ के बोलता है
हर नज़र जालिम है तेरी
कातिलाना हर अदा है
तू क़यामत है सराफ़ा
मैंने कोई ना देखा तेरे जैसा
तेरे देखके जलवे..
सब दीवाने हो बैठे
रहा न दिल पे काबू..
होंश अपने खो बैठे
तेरे देखके जलवे..
सब दीवाने हो बैठे
रहा न दिल पे काबू..
होंश अपने खो बैठे
तेरे देखके जलवे..
सब दीवाने हो बैठे
रहा न दिल पे काबू..
होंश अपने खो बैठे
तेरे देखके जलवे..
सब दीवाने हो बैठे
रहा न दिल पे काबू..
होंश अपने खो बैठे |