( इस देश के जवानों को अब आज़माया जायेगा
आज़माया जायेगा ) -२
शोला है ज़मीन बनी बिजली गिराये आसमाँ
आग के शोलो पे चला देश का ये कारवाँ
कौन सीना तान निकले -२
देश मेरे का जवान
हिंद पर वो मर मिटे ऊँचा करे कोमी निशाँ -२
कौन आगे बढ़के पेहले पेहली गोली खायेगा
आज़माया जायेगा
देश की विधवा पुकारे भाग जिनके सो गये
साये सर से उठ गये बच्चे यतीम हो गये
गुरबत का एक तूफ़ान उठा -२
बहनों से भाइ खो गये
माताओं की आँखों के तारे रोते रोते सो गये
कौन आज इन देवीयों के रोते दिल हँसायेगा
आज़माया जायेगा
इस देश के जवानों को अब आज़माया जायेगा
आज़माया जायेगा
उमंगें मिट रही हैं आज बे-नाम-ओ-निशां हो कर
बता अए कातिब-ए-क़िसमत लिखा कया बदगुमां हो कर
तवक़्क़ो थी वो आएं गे तो दिल को चैन आए गा
मगर बेताबियां उट्ठीं कलेजे में जवां हो कर |