[हलचल हुई ज़रा शोर हुआ
दिल चोर हुआ तेरी और हुआ] - 2
[ऐसी चले जब हवा
इश्क हुआ ही हुआ] - 2
[हलचल हुई ज़रा शोर हुआ
दिल चोर हुआ तेरी और हुआ] - 2
[ऐसी चले जब हवा
इश्क हुआ ही हुआ] - 2
इश्क हुआ हाये
इश्क हुआ हाये......
पलकों से होठों तक जो राह निकालती है
गुजरे ना वहाँ से ये तेरी गलती है
पलकों से होठों तक जो राह निकालती है
हो....
रहते हैं अब हम वहाँ
इश्क हुआ ही हुआ
हो....
ऐसी चले जब हवा
इश्क हुआ ही हुआ
हलचल हुई ज़रा शोर हुआ
दिल चोर हुआ तेरी और हुआ - 2
ला ला ला...
इश्क हुआ
कदमों को संभाले
नज़रो का क्या करें
नज़रो को संभाले
तो दिल का क्या करें
दिल को संभाले जुबाँ
इश्क हुआ ही हुआ
ऐसी चले जब हवा
इश्क हुआ ही हुआ
[हलचल हुई ज़रा शोर हुआ
दिल चोर हुआ तेरी और हुआ] - 2
इश्क हुआ - २ |