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Song Name:
झिरमिर झिरमिल मेहा बरसे - 2 |
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Album Name:
एक विवाह ऐसा भी |
| Singer Names: Shreya Ghosal,Shaan, |
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Lyricist Name:
रविन्द्र जैन |
| Music Director: Ravindra Jain |
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हो आषाढ़ के पहले बादल
कर मुझ पर उपकार
मेघ दूत बन मेरा संदेसा..
ले जा उसके पास
मेरी भूल वो मन में
लाए..ना
और मुझसे आँख
चुराए ना
गाती हुई झीलों के नगर में
वो तुझको मिलेगी खड़ी
हो..ओ..ओ..ओ
हो..
हो जी हो..
हो जी हो..
बरखा की बूंदों में
सब कुछ धुल जाए..
बादल जो छट जाए
तो अम्बर खुल जाए
काहे हसाए
काहे रुलाये
बरसात की ये झडी..
हो..काहे हसाए
काहे रुलाये
बरसात की ये झडी..
जाने वफ़ा.. ये बलसफा
जान ने को है उम्र पड़ी
चोरी से नई रुत की अदा..
लूट ले आजा
भीगे हुए मौसम का मजा..
लूट ले आजा
झिरमिर झिरमिर मेहा बरसे
हो..रामा
मन प्यासा काहे तरसे
हो..रामा
हो जी हो..
हो..जी हो
झिरमिर झिरमिर मेहा बरसे
हो..रामा
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