कोई जाने ये तो ना
कि कैसा लगता है
जब दिल में कोई ख्वाब
यु मचल ता है
लगे नामुमकिन
वो दूर सा..लगे
पर हो जो कर यकीन
दिल में
वो मिलता है
ये है सच खुश हूँ मैं
मिला मुझको है जो ये पल हसीन सा
यही रोशनी चाहू मैं
मुलाकात खुदी से इस तरह से होगई
रोको न कोई टोको न मुझे
खुश हूँ मैं
सारे ज़माने से यु डर डर के
छुपती रही सबसे
बहाने करके
पर सपने तो जैसे लहरें है
इन्हे रोको तो भी ना ये रुकते है
जो चाहे हो..
ये है सच खुश हूँ मैं
मिला मुझको है जो ये पल हसीन सा
यही रोशनी चाहू मैं
मुलाकात खुदी से इस तरह से होगई
रोको न कोई टोको न मुझे
खुश हूँ मैं
कोई जाने ये तो ना
कैसा लगता है
जब दिल में कोई ख्वाब
यु मचल ता है
लगे नामुमकिन
वो दूर सा..लगे
पर हो जो कर यकीन
दिल में
वो मिलता है
ये है सच खुश हूँ मैं
मिला मुझको है जो ये पल हसीन सा
यही रोशनी चाहू मैं
मुलाकात खुदी से इस तरह से होगई
रोको न कोई टोको न मुझे
खुश हूँ मैं
तू है वो जो
दिल में साँसों में
खयालो में भी रहे
नज़रे मिला तू ..
आ मिला तू ..
तू है आस पास
तो सारे दिल भी गायेंगे
नज़रे मिला तू ..
आ मिला तू ..
ये है सच खुश हूँ मैं
मिला मुझको है जो ये पल हसीन सा
यही रोशनी चाहू मैं
मुलाकात खुदी से इस तरह से होगई
रोको न कोई टोको न मुझे
खुश हूँ मैं
खुश हूँ मैं
तू है आस पास
तो सारे दिल भी गायेंगे
तू है वो जो
दिल में साँसों में
खयालो में भी रहे
मुलाकात खुदी से इस तरह से होगई
रोको न कोई टोको न मुझे
खुश हूँ मैं |