क्या सोच के आए थे
कुछ याद नही याद नही
क्या बोल सजाए थे
कुछ याद नही याद नही
होश गुम होगये
यारों हम खो गए
होश गुम होगये
यारों हम खो गए
अभी अभी यही कही
क्या सोच के आए थे
याद नही
क्या बोल सजाए थे
कुछ याद नही
वो नाज़ुक नाज़ुक पावों से हमारे..
दिल की ज़मीन पे चलने लगी हैं
उसे देख के गीतों के बोल बदले
और धुन भी बदल ने लगी हैं
इतनी जल्दी कहाँ सब को मिलता यहाँ
इतनी जल्दी कहाँ सब को मिलता यहाँ
हमनवा हमनशी
कुछ याद नही
क्या बोल सजाए थे
नही याद नही
वो मीठी मीठी सरगम की जुबां से..
चलदी हमारा दिल गुद गुदा के
एक पल को ऐसा लगा कि जैसे
गुजरी..कोई क़यामत नज़दीक आके..
हम से वो बेखबर
दिल कि ज़िद हैं मगर
हम से वो बेखबर
दिल कि ज़िद हैं मगर
वो हैं जहाँ
चल वहीं
क्या सोच के आए थे
कुछ याद नही
कुछ याद नही |