[लबों को लबों पे सजाओ
क्या हो तुम मुझे अब बताओ]2
तोड़ दो खुद को तुम
[बाँहों में मेरी
बाँहों में मेरी
बाँहों में मेरी
बाँहों में मेरी]2
तेरे एहसानों में भीगे लम्हातों में
मुझको डुबाती तिश्नगी सी हैं
तेरी अदाओ से दिलकश खताओ से
इन लम्हों में ज़िन्दगी सी है
हया को ज़रा भूल जाओ
मेरे ही तरह पेश आओ
होने दो खुद को तुम मेरी तुम
रातों में 3
[लबों को लबों पे सजाओ
क्या हो तुम मुझे अब बताओ]2
तेरे ज़जबातों में महकी सी सांसों में
ये तो महक संगली सी है
दिल कि पनाहों में बिखरी से अाहों में
सोने की ख़्वाहिश जगी सी है
चेहरे से चेहरा छुपाओ
सीने के धड़कन सुनो
देख लो खुद को तुम
आँखों मे मेरी 4
[लबों को लबों पे सजाओ
क्या हो तुम मुझे अब बताओ]2 |