चंदा छुप जाने लगा, तारे शरमाने लगे, गोरी का मुखडा देखो
अम्बर छुप जाने लगा, हवा भी रुख जाने लगी, गोरी का मुखडा देखो
लाल चुनरिया ओढ़ ली मैंने, जब से पिया के नाम की
लाल चुनरिया ओढ़ ली मैंने, जब से पिया के नाम की
लाल चुनरिया ओढ़ ली मैंने, जब से पिया के नाम की
मेरे पिया भी कहने लगे है , मैं न रही किसी काम की
लाल चुनरिया ओढ़ ली तूने, जब से पिया के नाम की
लाल चुनरिया ओढ़ ली तूने, जब से पिया के नाम की
लाल चुनरिया ओढ़ ली तूने, जब से पिया के नाम की
तेरे पिया भी कहने लगे है, ले यह जान तेरे नाम की
लाल चुनरिया ओढ़ ली मैंने, जब से पिया के नाम की
महंगा पड़ा रे मुझे दिल का लगाना
कर ना सकी रे मैं तोह कोई बहाना
बोले यह चूड़ी, बोले यह कंगना
जाना है जाना तुझे पियाजी के अंगना
किस को पड़ी है अब मेरे साजन
चाहत के अंजाम की
तेरे पिया भी कहने लगे है, ले यह जान तेरे नाम की
लाल चुनरिया ओढ़ ली मैंने, जब से पिया के नाम की
गोरी के हाथों रची मेंहदी हजारी
जचती है कैसे देखो दुल्हन हमारी
चंदा बाराती, तारे बाराती
हम तुम बने है देखो जन्मो के साथी
रंग बिरंगी किस्मत है अब मेरी सुबह-ओ-शाम की
मेरे पिया भी कहने लगे है, मैं न रही किसी काम की
लाल चुनरियां ओढ़ ली तूने, जब से पिया के नाम की |