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Song Name:
लो जी हम आ गये |
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Album Name:
एक विवाह ऐसा भी |
| Singer Names: Shaan,पामेला जैन,फरीद सबरी,सतीश देहरा, |
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Lyricist Name:
रविन्द्र जैन |
| Music Director: Ravindra Jain |
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आंखों में प्या...स
दिल में मोहब्बत
मोहब्बत लिए हुए
आंखों में प्या...स
दिल में मोहब्बत
मोहब्बत लिए हुए
लो जी हम आ गए हैं
लो जी हम आ गए हैं
लो जी हम आ गए
आ गए आ गए हैं
आते हैं देर से..
मगर आते जरूर हैं
आते हैं देर से..
मगर आते ज़रूर हैं
और आके ये एहसान जताते ज़रूर हैं
लो जी हम आ गए हैं
लो जी हम आ गए हैं
हाँ जी हम आगये
आ गए आ गए हैं
आज तो रस्म थी सगाई कि
सगाई कि
आज भी वक्त पर नही आए
नही आए
हो..डर है शादी के रोज
फेरों का...
शुभ मुहूर्त कहीं न टल जाए
शुभ मुहूर्त कहीं न टल जाए
हो..
ये प्रेमी भी है पंडित भी
जो कहदे वही हो जाता हैं
जो कहदे वही हो जाता हैं
जिस वक्त पे हम आजाते हैं
वो वक्त सही हो जाता हैं
हम आगये हैं
लो जी हम आगये हैं
लो जी हम आगये हैं
आ गए आ गए हैं
आ गए आ गए हैं
शादी पक्की कराने
आगये हैं
आ गए आ गए हैं
अपनी कच्ची कराने आगये हैं
आ गए आ गए हैं
शादी पक्की कराने
आगये हैं
हमे नज़र आती है
तुम्हारी टाँगे सारस जैसी
टाँगे सारस जैसी
मगर किसी के दिल में
हमारी क़द्र हैं पारस जैसी
वारि जांवा
हाय मैं वारि जांवा
हमे तुम्हारी नाक नज़र आती हैं
तोते वाली
नाक तोते वाली
हमने तुमको माफ़ किया
ओ नखरे वाली साली
वारि जांवा
हाय मैं वारि जांवा
हरकतें बन्दर जैसी हाय
शकल लंगूर जैसी ओ हो
इन्हें हम कैसे देदे
दुल्हनिया हूर जैसी
चिडियां घर के लोग तुम्हारा
दिल बहलाने आगये हैं
आ गए आ गए हैं
अपनी कच्ची कराने
आगये हैं
आ गए आ गए हैं
अपनी कच्ची कराने
आगये हैं
हो..संग दिलों
हो..तंग दिलों
आशिक पे न इतना ज़ुल्म करो
रास्ता छोड़ दो..
अंदर आने दो.
आने कि बात तो जाने दो
जाने दो
सजा क्यूँ देते हो
सजा के काबिल हो
हमारा जुर्म है क्या
किसी के खातिर हो
दरवाजा है बंद
वो खिड़की तो खोले
खिड़की तो खोले
जिस के लिए आए
वो भी तो कुछ बोले
वो भी कुछ बोले
हाँ खिड़की तो खोले
ना जी ना जी न
ये खिड़की नही खुलेगी
तो खटिया यही बिछेगी
जी
ये खिड़की नही खुलेगी
तो धूनी यही रमेगी
जी
ये खिड़की नही नही खुलेगी
समाधी यही लगेगी
यही लगेगी यही लगेगी
खिड़की खुली तो खुल गई
तकदीर हमारी
ये कहते हुए आगे बढ़े
प्रेम पुजारी
लो जी हम
लो जी हम
झट से आगये हैं
हक़ से आगये हैं
लो जी हम आगये
आगये आगये हैं |