अल्लाह......अल्लाह
गुम सुम चाँदनी हो नाजनीं हो
या कोई हूर हो
दिल नशीं हो, दिल कशीं हो
या जन्नत का नूर हो
माशा अल्लाह, माशा अल्लाह, माशा अल्लाह
गुम सुम चाँदनी हो नाजनीं हो
या कोई हूर हो
दिल नशीं हो, दिल कशीं हो
या जन्नत का नूर हो
माशा अल्लाह(अल्लाह), माशा अल्लाह(अल्लाह), माशा अल्लाह(अल्लाह)....
तुम सबह हो, या घटा हो
कहकशा हो सैबा हो
सुबह कि पहली किरन के जैसे
बेबा के अलहदे पवन के जैसे
खुशबुयें तुम लुटाती हो
मस्ती में चूर चूर
माशा अल्लाह, माशा अल्लाह, माशा अल्लाह
हो हो हो....
तुम हया हो, तुम रिदा हो
तुम वफा हो, तुम नशा हो
खामोश नजारे, सदाओ जैसे
तुम्हारी बातें दुआओ जैसी
हर नफस में तुम समाये हो
फिर भी हो इतनी दूर
माशा अल्लाह, माशा अल्लाह, माशा अल्लाह
गुम सुम चांदनी हो नाजनीं हो
या कोई हूर हो
दिल नशीं हो, दिल कशीं हो
या जन्नत का नूर हो
माशा अल्लाह(अल्लाह), माशा अल्लाह(अल्लाह), माशा अल्लाह(अल्लाह).... |