ओये ओये
ओये!
आहा !
ओ चक दे!
गूँज रहे चाहत के नगमे
गूँज रही शहनाई
इश्क मोहब्बत प्यार वफ़ा की
झूम रही परछाई
गूँज रहे चाहत के नगमे
गूँज रही शहनाई
इश्क मोहब्बत प्यार वफ़ा की
झूम रही परछाई
रूप गुलाबी गुलशन
तारों ने जुल्फ को उलझाया
हाथ चंपाई दर्पण
दर्पण में साजन की छाया
हर दिल ने यही कहा
दफ अतन
चाँद वो ज़मीन पर आया
आज हुआ मैं दीवाना
खुशी का हर पैमाना
आंखों से छलकता जाए
छलकता..छलकता..
छलकता..
गूँज रहे चाहत के नगमे
गूँज रही शहनाई
इश्क मोहब्बत प्यार वफ़ा की
झूम रही परछाई
मिथरी मिथरी हो
हे सांजी
मिथरी मिथरी हो
झूलेलाल!
जशन-ऐ-मोहब्बत..
जशन-ऐ-वफ़ा हैं..
इश्क के आसमान पे
हुस्न की शमा है
दीवाना यह दिल है ..
दीवानी जुबां हैं
तुझको दुआएं देती
थकती कहाँ हैं
झूम रही हैं
एक परी लेके आधी अंगडाई
इश्क मोहब्बत प्यार वफ़ा की
झूम रही परछाई
हा........
मिलना बिछड़ न..
रीत जिंदगी की ..
कोई तो निभाएं
कोई हमहें छोड़ जाए..
सदियों से आदत
हैं ये आदमी की
कोई याद रखे
कोई हमहें भूल जाए ..
गूँज रहे चाहत के नगमे
गूँज रही शहनाई
इश्क मोहब्बत प्यार वफ़ा की
झूम रही परछाई
रूप गुलाबी गुलशन
तारों ने जुल्फ को उलझाया
हाथ चंपाई दर्पण
दर्पण में साजन की छाया
हर दिल ने यही कहा
दफ अतन
चाँद वो ज़मीन पर आया
आज हुआ मैं दीवाना
खुशी का हर पैमाना
आंखों से छलकता जाए
छलकता..
गूँज रहे चाहत के नगमे
गूँज रही शहनाई
इश्क मोहब्बत प्यार वफ़ा की
झूम रही परछाई
गूँज रहे चाहत के नगमे
गूँज रही शहनाई
इश्क मोहब्बत प्यार वफ़ा की
झूम रही परछाई |