मुझ में निगाहें दाल दे
बाकी सब को तू टाल दे
ख़ुद को मुझ में ढाल दे
तेरे दीदार का ज़हर
करने लगा है यह असर
आजा तू ओ बेखबर
दिल खोने लगा...
दिल में मची है हलचल ...
दिल हो गया है बे कल ..
इसे कहदे पागलपन
या आशिकी..
छाई ही है शान दीवानी
मैं हो गई कहानी..
तुझ को पढ़नी है
सारी जिंदगी ..
मुझ में निगाहें दाल दे
बाकी सब को तू टाल दे
ख़ुद को मुझ में ढाल दे
तेरे दीदार का ज़हर
करने लगा है यह असर
आजा तू ओ बेखबर
दिल खोने लगा...
आके चाँद सितारे..
लड़ने लगे हैं प्यारे ..
करने लगे हैं तेरी आरजू..
अंजाम जो भी होगा..
तू मेरे साथ होगा..
खुशियों का मंज़र होगा
चार सू..ऊ...
मुझ में निगाहें दाल दे
बाकी सब को तू टाल दे
ख़ुद को मुझ में ढाल दे
तेरे दीदार का ज़हर
करने लगा है यह असर
आजा तू ओ बेखबर
दिल खोने लगा...
मुझ में निगाहें दाल दे
बाकी सब को तू टाल दे
ख़ुद को मुझ में ढाल दे
ह ह ह ह..
तेरे दीदार का ज़हर
करने लगा है यह असर
आजा तू ओ बेखबर
दिल खोने लगा...
ह ह ह ह..
ह ह ह ह..
ह ह ह ह..
ह ह ह ह.. |