हो ओये हाये ओये
रंग पुरेदी रंग रंगीली
लड़की छैल छबीली
उसदे चंचल नैन कटार
अरे चंचल नैन कटार ते उसदा
रूप बना हथियार
उसके रूप से कतल हुए तो
चर्चा शुरू हुआ
नगाड़ा नगाड़ा नगाड़ा बजा
नगाड़ा नगाड़ा नगाड़ा बजा
ओ
रंग पुरेदी रंग रंगीली
छैल छबीली नार
चंचल नैन कटार दी
उसदा रूप तेज़ तलवार
उसके रूप से कतल हुए तो
चर्चा शुरू हुआ
हे....
नगाड़ा नगाड़ा नगाड़ा बजा
नगाड़ा नगाड़ा नगाड़ा बजा
होऐ.....
हे हे हे
जब भी वो लड़की, खिड़की पे आये
कोई उसको देख मरे
कोई बिन देखे मर जाये
अरे गुजरे गली मोहल्ले से
तो मेला सा लग जाता था
हर एक आशिक ईद मनाता
भंगड़ा गाता था
खतम ना होता दीवानों के
जलसे शुरू हुआ
हे....
नगाड़ा नगाड़ा नगाड़ा बजा
नगाड़ा नगाड़ा नगाड़ा बजा
अरे बचपन से उसका
एक दीवाना था
जिसका काम गली के आशिक परे हटाना था
दिल से जिसको मान रहा था
अपने दिल की रानी वो
और किसी पे ही यारों मरती थी मरजानी वो
एक कहानी खतम तो दूजा किस्सा शुरू हुआ
नगाड़ा नगाड़ा नगाड़ा बजा
नगाड़ा नगाड़ा नगाड़ा बजा
ओ......
रंग पुरेदी रंग रंगीली
छैल छबीली नार
चंचल नैन कटार ते
उसका रूप तेज तलवार
उसके रूप से कतल हुए तो
चर्चा शुरू हुआ
नगाड़ा नगाड़ा नगाड़ा बजा
नगाड़ा नगाड़ा नगाड़ा बजा - 4
होऐ..... |