बला का हुस्न गज़ब का
शबाब नींद में है
बला का हुस्न गज़ब का
शबाब नींद में है
है जिस्म जैसे गुलिस्तान
गुलाब नींद में है
है जिस्म जैसे गुलिस्तान
गुलाब नींद में है
उसे ज़रा स भी पढ़लो
तो शायरी आ जाए
उसे ज़रा स भी पढ़लो
तो शायरी आ जाए
अभी ग़ज़ल कि मुक्कमल
किताब नींद में है
अभी ग़ज़ल कि मुक्कमल
किताब नींद में है
मचल रही है
मेरे दिल में
दीद की हसरत
मचल रही है
मेरे दिल में
दीद की हसरत
वो डाले चेहरे पे
नीला नकाब
नींद में है
वो डाले चेहरे पे
नीला नकाब
नींद में है
वो इंक़लाब उठा ता है
लेके अंग..डाई
वो इंक़लाब उठा ता है
लेके अंग..डाई
सवाल जागा हुआ है
जवाब नींद में है
सवाल जागा हुआ है
जवाब नींद में है |