हे न न न न
न न न न न
न न न न न
रंग पेडो के सारे
और हरे हरे है
रास्तो पे लोग भी तो
कुछ नए नए हैं
ओ दिल संभल रे संभल
ना देखा ऐसे नजारों को..
फुर्सत में बैठी बहारों को..
कुछ कुछ रहा है बदन
रंग पेडो के सारे
और हरे हरे है
रास्तो पे लोग भी तो
कुछ नए नए हैं
ओ दिल संभल रे संभल
नींद कहाँ है मुझको
सपने कहीं पड़े हैं
खोयी हूँ मैं तो ऐसे
काम बाकी पड़े हैं
मैं जब से
खोया हुआ रहता हूँ
हस्ते हैं लोग
मैं उनपे हँसता हूँ
संग है कोई हर पल
ओ दिल संभल रे संभल
मुझको फुर्सत कहाँ हैं
दोस्तों के लिए
अब तो चाहे मेरा दिल
जीलू किसी के लिए
उलझन यारों न ऐसी थी कभी
मुझको लुभाने लगी बातें किसी की
कुछ कुछ रहा है बदन
ओ दिल संभल रे संभल
रंग पेडो के सारे
और हरे हरे है
रास्तो पे लोग भी तो
कुछ नए नए हैं
ओ दिल संभल रे संभल
सब कुछ रहा है बदल
सब कुछ रहा है बदल..
सब कुछ रहा है बदल.. |