मैं वहाँ जहाँ पे तू है
मेरा इश्क तो जूनून है
ओ जाना....
ओ जाना....
मैं वहाँ जहाँ पे तू है
मेरा इश्क तो जूनून है
ओ जाना....
हर वक्त तू ही तू है
हर जिंद तू ही तू है
ओ जाना....
तू साथ मेरे हर दम
चाहे कहीं भी हूँ
ओ जाना....
दिन रात सोचता हूँ
तुझे इतना प्यार मैं दूँ
जो कभी उतर ना पाये..
तुझे वो खुमार मैं दूँ
मुझे ऐसे तू कुछ मिला है
जैसे कि कोई दुआ है
तुझ पे कोई आंच आए
तो मैं ख़ुद को भी जला लूँ
हर दिन मुझ ही में तू है
हर शब् मुझ ही में तू है
हर दिन मुझ ही में तू है
हर शब् मुझ ही में तू है
ओ जाना ....
मैं वहाँ जहाँ पे तू है
मेरा इश्क तो जूनून है
ओ जाना....
ओ जाना....
हर पल तुझे संभा लूँ
तेरे सारे गम उठा लूँ
मेरा दिल तो यही चाहे
तुझे रूह में सजा लूँ..
तेरा अक्श नूर सा है
तू कुछ सुरूर सा है
दिलकश तेरी अदा सा
हर लम्हा मैं चुरालूं
हर दम ख़ुद ही मैं तू है
मेरी बेखुदी में तू ..
हर दम ख़ुद ही मैं तू है
मेरी बेखुदी में तू ..
ओ जाना....
हर वक्त तू ही तू है
हर जिंद तू ही तू है
ओ जाना....
तू साथ मेरे हर दम
चाहे कहीं भी हूँ
ओ जाना.... |