पल ये पल..
हौले से मुस्कुराते हैं
पल ये पल..
धीमे से गुन गुनाते हैं
किसके साए
दिल पे छाये
धूप राहों की भीनी भीनी हुई
मंजिल आए या ना आए
कल ये सोचेंगे
अभी तो जीले
पल ये पल..
हौले से मुस्कुराते हैं
हां.. पल
खामोश सा..
हल्का सा बेहोंश सा..
बलखा रहा
न जाने क्यूँ इतरा रहा
हो..पल ये पल..
आंखों में झील मिलाते हैं
हो..पल ये पल..
ख़्वाबों को जग मगाते हैं
किसके साए
दिल पे छाये
धूप राहों की भीनी भीनी हुई
मंजिल आए या ना आए
कल ये सोचेंगे
अभी तो जीले
पल
हौले से मुस्कुराते हैं
हो..पल
गुमसुम ज़रा..
कोने में तनहा खड़ा..
घबरा रहा
ना जाने होना हैं क्या ..
हो..पल इशारों से बुलाते हैं
पल ये पल..
धीमे से गुन गुनाते हैं
किसके साए
दिल पे छाये
धूप राहों की भीनी भीनी हुई
मंजिल आए या ना आए
कल ये सोचेंगे
अभी तो जीले
पल ये पल..
हौले से मुस्कुराते हैं
पल ये पल..
धीमे से गुन गुनाते हैं
गुन गुनाते हैं |