अरे हे एक दिन आसमाँ से परी आएगी
हे हे हे लौटके फिर ना वापस कभी जायेगी
अरे हे उसकी खामोश आहट को सुनता हूँ मैं
रात दिन, हर घड़ी, लम्हा लम्हा इन्तजार है उसिका
एक दिन आसमाँ से परी आएगी
फूलों से वो आशना कलियों से होगी नर्म वो
देखूँगा जब मैं उसे मुझसे करेगी शर्म वो
शरमा के नाजुक अदा से, घबरा के बहकी हया से
जुल्फों की भीगी घटा से, होठों की सहमी सदा से
मेरे दिल पे कयामत सी वो ओढ़ आयेगी, आयेगी
हे हे हे एक दिन आसमाँ से परी आएगी
हे हे हे लौटके फिर ना वापस कभी जायेगी
अरे हे उसकी खामोश आहट को सुनता हूँ मैं
रात दिन, हर घड़ी, लम्हा लम्हा इन्तजार है उसिका
चाहत की चूनर सजा के
ख़्वाबों की मेहंदी रचा के
नज़रों के नज़दीक आ के
इन फसानों को मिटा के
वो दुल्हन भी तेरे प्यार के? आयेगी, आयेगी
हे हे हे एक दिन आसमाँ से परी आएगी |