पीले पीले से जंगल में बहता धुंआँ - 2
(घूंट घूंट जल रहा हूँ, पी रहा हूँ पत्तियाँ
आँखें है धुंआँ, धुंआँ, नम हैं सारी बत्तियाँ) - 2
आसपास कुछ नहीं, जी उदास है ज़रा
दर्द सब्ज़ है अभी, मुझको रास है ज़रा
तो फूँक दे रे, फूँक दे, फूँक दे ... रे
फूँक, फूँक, फूँक दे रे, फूँक दे रे फूँक....
हयात फूँक दे, हवास फूँक दे
कि सांस से सिला हुआ लिबास फूँक दे
फूँक, फूँक, फूँक दे रे, फूँक दे रे फूँक....
सर चढ़ती है खुमारी, और जमीं डोलती है
बेजुबाँ, दास्ताँ ये, रातभर बोलती है
लब पे जल रही हैं वो बात फूँक दे
??? राख फूँक दे
फूँक दे ये राख फूँक, फूँक दे ये राख फूँक
फूँक दे वो बात फूँक, फूँक दे
फूँक, फूँक, फूँक दे रे, फूँक दे रे फूँक....
जब नशा टूटता है, कितने टुकड़े गिरे ??
होश चुनने लगे हम, हम भी क्या सरफिरे हैं
लब पे जल रही हैं वो बात फूँक दे
??? राख फूँक दे
फूँक दे ये राख फूँक, फूँक दे ये राख फूँक
फूँक दे वो बात फूँक, फूँक दे
फूँक, फूँक, फूँक दे रे, फूँक दे रे फूँक....
हयात फूँक दे, हवास फूँक दे
कि सांस से सिला हुआ लिबास फूँक दे
फूँक, फूँक, फूँक दे रे, फूँक दे रे फूँक....
हयात फूँक दे (फूँक, फूँक, फूँक दे रे)
हवास फूँक दे (फूँक, फूँक, फूँक दे रे)
कि सांस से सिला हुआ लिबास फूँक दे - 3
फूँक, फूँक, फूँक दे रे, फूँक दे रे फूँक.... |