पतंग संग उड़ गया बचपन
झनक झनक मन, डगर सुनाई रे
लड़कपन आया अब तो कसक मसक के
क्या मस्तानी रे
अरे क्यों हाय जवानी की होती है
यही निशानी रे
कि चितवन तिरछी तिरछी हुई जाये
हाँ आई जवानी रे
होए जवानी आयी
साथ में लायी
पवन के संग संग
हर अंग चले हिचकोले लेके
गगन के रंग से
उड़े है तकरी
लगी अब लागी चली पुरवाई
मैं हूँ तेरा रोमियो
तू मेरी है वही जुलियट
अरे मैं रांझा तेरा
तू मेरी है हीर
सोनिये मिल जा मेले में
कि इसका नाम जवानी, अाहा
कि जो ना मैं हूँ तेरे संग
तो फिर किस काम जवानी
अरे वो नहीं जानते
आती है किस काम जवानी
तभी तो होती है हर बार
ये बदनाम जवानी
सोनिये मिल जा मेले में
कि इसका नाम जवानी, अाहा
अरे के आजा मेरी जान
ना मैं मुसलमान ना हिन्दू जैसी कोई बात हूँ
अरे मैं प्रेम ख़जाने का हूँ पहरेदार
अरे ओ ख़बरदार आशिक की जात हूँ
हे बनारस के इक्के में
हो गंगा तीर चलेंगे
बर्फ की धूप सूंघने
अरे कश्मी चलेंगे
अरे कैसे भी हो हालात
कि तुझको घुमा लाऊँ बगदाद
ये मेरा वादा जानम
अरे ये चुनरी कि कानीर
कि सुरमा जूना मेहंदी ढेर
ये मेरा वादा जानम
सोनिये मिल जा मेले में
कि इसका नाम जवानी, अाहा
कि जो ना मैं हूँ तेरे संग
तो फिर किस काम जवानी
अरे वो नहीं जानते
आती है किस काम जवानी
तभी तो होती है हर बार
ये बदनाम जवानी
सोनिये मिल जा मेले में
कि इसका नाम जवानी, अाहा
सोनिये मिल जा.....
अरे खुर्जा के खुरचन
अरे मथुरा के पेड़े
रेवड़ी मेरठ वाली
चाट दरीबाँ की लायेगा
अरे मैं हुकुम करूँ तो दूर अरब से
पूरा बाग ख़जूर लाद के
आंगन में भरपूर
तु मेरे लगवायेगा
अरे लगवाउँगा, लगवाउँगा, लगवाउँगा
तो फिर तू मिल जा मेले मैं
कि इसका नाम जवानी, अाहा
नहीं ये छोटा मसला
बहुत बड़ा है कांड जवानी
अरे ये सरपट सरपट दौड़ी
मेरी जान जवानी
अरे ये घर कि मुर्गी नहीं
ये छूटा सांड जवानी
सोनिये मिल जा...
सोनिये मिल जा मेले में
कि इसका नाम जवानी, अाहा
कि जो ना मैं हूँ तेरे संग
तो फिर किस काम जवानी
सोनिये मिल जा मेले में
कि इसका नाम जवानी, अाहा
कि जो ना मैं हूँ तेरे संग
तो फिर किस काम जवानी
सोनिये मिल जा मेले में
मिल जा, मिल जा
सोनिये मिल जा मेले में
कि इसका नाम जवानी, अाहा
सोनिये मिल जा ...
सोनिये.... मिल जा ... |