दिल भी वही
हैं वही जो
बदला सा क्यूँ हैं ये जहाँ
आज क्यूँ नज़र हैं चुरा रहे
अपने आप से हम को ये क्या हुआ
कच्ची पक्की राहें
फैला के यु बाहें
हम को करे क्या इशारें भला
इतनी सी गल प्यारे
समझा नही क्या रे
कीप मूविंग ओं
कहता हैं रास्ता
फिर भी क्यूँ नज़र हैं चुरा रहे
अपने आप से हम को ये क्या हुआ |